STORYMIRROR

कोई डर नहीं मिट्टी बदल गया बहार में बड़ा भुला नहीं पाऊंगा मुझ पर हिन्दी कविता hindi kavita शहर तुम्हारा फर्क सत्य मार्ग धूल विश्वास चलने लगी मेरी श्वांस आँख साफ युवा मिटने वाला है अंधेरा साधारण

Hindi मुझ पर बड़ा आभार Poems